
कांप्लेक्स पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने बुलडोजरचला दिया है। सप्ताहभर पहले वीसी शैलेश कुमार कीनजर इस अवैध कांप्लेक्स पर पड़ी थी।
वीसी ने जब कांप्लेक्स मालिक से सवाल जवाब किए तोकांप्लेक्स मालिक ने इलाके के जेई और एई पर संगीनआरोप लगाए थे। जिसके बाद वीसी ने प्राधिकरण कीसचिव को मामले में जांच करने के आदेश दिए थे।
पिछले सप्ताह एमडीए वीसी प्राधिकरण की योजनाओंके निरीक्षण पर निकले थे। इस दौरान उनकी नजरलाकड़ी बाईपास पर चौहानों वाली मिलक में बन रहे एकबड़े निर्माण पर पड़ी थी।
वीसी ने गाड़ी रुकवाकर जब निर्माण करने वाले सेमानचित्र के बारे में पूछा तो पता चला कि निर्माण अवैधहै। उसका कोई मानचेत्र पास नहीं है।
बल्कि पेपस्स में इस अवैध निर्माण को सील कर दियागया है और इसके ध्वस्तीकरण के आदेश भी हो चुके हैं।बावजूद इसके सील तोड़कर लगातार अवैध निर्माण चलरहा था।
वीसी ने कांप्लेक्स मालिक को टाइट किया तो उसनेप्राधिकरण के एई और जेई का नाम लेकर कहा कि उन्हींकी सरपरस्ती में निर्माण हो रहा है।
इसके बाद वीसी ने दोनों को मौके पर तलब करकेजमकर हड़काया था। वीसी ने जेई और एई पर लगेआरोपों की जांच करने के आदेश सचिव अंजुलता कोदिए थे।
इस मामले में अब मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने इसअवैध कांप्लेक्स को बुलडोजर से ढहा दिया है।
इस बीच कांप्लेक्स मालिक ने आरोप लगाया कि उसनेएई सागर गुप्ता और जेई गिरीश पांडेय को लाखों रुपएकी घूस देकर निर्माण किया है। इस तरह के आरोपप्राधिकरण के इंजीनियरों पर पहले भी लगते रहे हैं।
मुरादाबाद विकास प्राथिकरण की सचिव अंजुलता काकहना है कि अनिल चौहान ने अवैध रूप से निर्माणकिया था। उसे कई बार नोटिस भी दिया गया था।
22 मार्च 2024 को इस अवैध कांप्लेक्स के ध्वस्तीकरणके आदेश कर दिए गए थे। लेकिन इसके बाद भी वोअवैध निर्माण को गिराने के बजाए अवैध निर्माण किए
अवैध निर्माण को गिराने के बजाए अवैध निर्माण किएजा रहा था। इसलिए प्राधिकरण की टीम ने इस अवैधनिर्माण को ध्वस्त कर दिया है।



